preet
Saturday, 7 April 2012
मैं तुम्हे तलाश रहा हूँ
प्रेम कामनाओं का एक बीहड़ जंगल है ,
बहुत सारे लोग भी हैं यहाँ ,
आदिवासिओं की भाषा बोलते ,
मैं तुम्हे तलाश रहा हूँ यहाँ ,
क्योंकि ,तुम ही तो सुन गुण सकती हो
मेरा कहा ,मेरी तरह |
---- deepak arora
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